Facebook (meta) kya hai | Facebook का नाम Meta क्यों हुआ?

Facebook (meta) kya hai | Why is Facebook named Meta?

दुनियां कि सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी Facebook ने आखिरकार अपना नाम बदल डाला है। Facebook के नए नाम का चेंज कंपनी के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने किया है। Facebook को अब कुछ दिनों के बाद दुनियाभर में Meta नाम से जाना जाएगा।

नई दिल्ली। सोशल मीडिया कंपनी Facebook ने अपना नाम बदल दिया है। Facebook के नए नाम का ऐलान कंपनी के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने किया है। Facebook को अब दुनियाभर में Meta नाम से जाना जाएगा। बता दें कि Facebook का नाम बदले जाने की बात कुछ दिन पहले से चल रही थी। लेकिन नाम क्या होगा इस पर सोचा जा रहा था। हालांकि, Meta का नाम इससे पहले भी सामने आया था लेकिन अब इस नाम पर को मुहर लग गई है।

बताया जा रहा है कि मार्क जुकरबर्ग चाहते थे कि Facebook की बदलाव की जाए। वो कंपनी को अलग पहचान देना चाहते थे। इसी Facebook के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने अपने फेसबुक प्लेटफॉर्म का नाम बदलकर मेटा नाम दिया। Facebook मेटावर्स बनाने पर फोकस कर रही है जिसके जरिए एक अलग ही पहचान बनेगी।

क्यों बदल गया Facebook नाम और क्या है इसके मतलब

फेसबुक के फॉर्मर सिविक इंटीग्रिटी चीफ समिध चक्रवर्ती ने इस नाम का सुझाव दिया है। जैसे कि बताया जा रहा है कि मार्क जुकरबर्ग वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी में काफी पहले से इंवेस्मेंट कर रहे हैं। ऐसे में यह नाम काफी कॉमन है। ऐसे में नए नाम के साथ यह साफ हो गया है कि कंपनी केवल एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक लिमिटेड नहीं रहना चाहती है।

कंपनी ने सिर्फ नाम ही नहीं बदला है बल्कि लोगों को रोजगार के विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं। कंपनी करीब 10 हजार नौकरियां उपलब्ध कराएगी। ये नौकरियां मेटावर्स की वर्चुअल दुनिया बनाने में मदद करेगी। कंपनी ने सिर्फ नाम ही नहीं बदला है बल्कि कंपनी ने यूजर्स को प्राइवेसी को भी ध्यान में रखा है। मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि आने वाले समय में कंपनी यूजर्स के लिए कई तरह के सेफ्टी कंट्रोल उपलब्ध कराएगी।

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Meraj

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